अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

तेरा शेर देखा, तेरा शेर देखा,

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा॥

आई चेत की बहार दिया राम ने अवतार,

मारा लंका का सरदार लेकर नाम तेरा,

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा॥

आई भादो की बहार लिया कृष्ण ने अवतार,

मारा मथुरा का सरदार लेकिन नाम तेरा,

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा॥

आई क्वार की बहार खुल गई मैया जी के द्वार,

ले लो मैया जी का नाम दर्शन कर लो बारंबार,

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा॥

आई सावन की बहार लिया भोले ने अवतार,

किया दुष्टों का संहार लेकर नाम तेरा,

अंबे रानी मैंने वन में तेरा शेर देखा,

महारानी मैंने वन में तेरा शेर देखा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।