दुनिया के ज़ुल्मो सितम से जो हार जाता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया के ज़ुल्मो सितम से जो हार जाता है,

उसको दुनिया में मेरा श्याम ही अपनाता है।

रिश्ते नाते जहाँ के सारे निभाए हमने,

ना सुकून पाया दिए ज़ख्म नए से ग़म ने,

कश्ती जीवन की मेरे बाबा लगी है थमने,

अब तो खाटू का ही एक रस्ता याद आता है,

उसको दुनिया में मेरा श्याम ही अपनाता है,

दुनियां के ज़ुल्मो सितम से जो हार जाता है।

एक यही तो ठिकाना है ग़म के मारों का,

है मेरा श्याम ही बस साथी बेसहारों का,

है यही माली हर चमन का हर नज़रों का,

देख कर राह के कांटे जो घबराता है,

उसको दुनिया में मेरा श्याम ही अपनाता है,

दुनियां के ज़ुल्मो सितम से जो हार जाता है।

श्याम के नाम का तो धीरज भी दीवाना है,

है लिया बाँध अगर रिश्ता अब निभाना है,

मिले थे धोखे हमें जिनसे उन्हें दिखाना है,

हो वो छोटा या बड़ा सबको गले लगाता है,

उसको दुनिया में मेरा श्याम ही अपनाता है,

दुनियां के ज़ुल्मो सितम से जो हार जाता है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।