उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

जो कान्हा मेरो नाम ना जाने,

राधा रंगीली मेरो नाम गगरिया पानी की,

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

जो कान्हा मेरा गांव ना जाने

बरसानो मेरा काम गगरिया पानी की,

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

जो कान्हा मेरा महल ना जाने,

ऊंची हवेली ब्रज धाम गगरिया पानी की,

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

जो कान्हा मेरो अंगना ना जाने,

अंगना में तुलसी को बाग गगरिया पानी की,

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

जो कान्हा मेरा कमरा ना जाने,

कमरा में लिखो राधेश्याम गगरिया पानी की,

उठवा दे नंद के लाल गगरिया पानी की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।