एकादशी व्रत सबसे महान है

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

सब देवों में भोले जी बड़े हैं,

इनकी तो पूजा श्री राम ने करी है,

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

सब वृक्षों में पीपल बड़े हैं,

इनकी तो पूजा ब्रह्मा जी ने करी है,

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

सब देविन में गोरा जी बड़ी है,

इनकी तो पूजा सीता जी ने करी है,

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

सब पौधों में तुलसा जी बड़ी है,

इनकी तो पूजा रुक्मण ने करी है,

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

सब सखियन में राधा जी बड़ी है,

इनकी तो पूजा सारे जग ने करी है,

एकादशी मैया सबसे बड़ी है,

एकादशी व्रत सबसे महान है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।