कर्तव्य मार्ग पर डट जाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कर्तव्य मार्ग पर डट जाना, श्री गीता हमें बताती है,

श्री गीता हमें बताती है, श्री गीता हमें समझाती है,

जिससे अर्जुन का मोह हटा वह ज्ञान सुधा बरसाती है,

कर्तव्य मार्ग पर डट जाना......

कायरता अर्जुन की लखकर, श्री कृष्ण लगे थे समझाने,

तू अजर अमर अविनाशी है, यह देह नाश हो जाती है,

कर्तव्य मार्ग पर डट जाना......

चाचा मामा नाना भ्राता, जो सगे कुटुम भी मान रहा,

सब काया ही के नाते हैं, काया पंचों की दासी है,

कर्तव्य मार्ग पर डट जाना......

जो मैं इस तन से निकल रही, वह मैं इस तन से न्यारी है,

वह मैं मुझ ईश्वर की सत्ता, जो तू है यही जनाती है,

कर्तव्य मार्ग पर डट जाना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।