लगा लो बाबा मुझे गले से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा मुझे आज भी वो दिन याद है,

जब सबने मुझे ठुकराया था,

बस आपने ही अपने गले लगाया था।

लगा लो बाबा मुझे गले से,

ज़माने वालों ने दिल दुखाया,

समझ के बैठा था जिनको अपना,

समय पे कोई ना काम आया।

सभी ने मुझको गिराना चाहा,

सभी ने मुझको रुलाना चाहा,

मगर भरोसा था तुझपे बाबा,

इसीलिए कोई गिरा ना पाया,

लगा लो बाबा मुझे गले से,

ज़माने वालों ने दिल दुखाया।

जो चले उजालों में साथ मेरे,

अंधेरो में कोई नज़र ना आया,

ये तेरी कृपा है श्याम मेरे तभी,

अंधेरो से अबहर आया,

लगा लो बाबा मुझे गले से,

ज़माने वालों ने दिल दुखाया।

हैं तेरे प्रेमी कुछ श्याम ऐसे,

जिन्होंने तेरा दर है दिखाया,

भरोसा है तू राज मित्तल का,

तेरे भरोसे सब छोड़ आया,

लगा लो बाबा मुझे गले से,

ज़माने वालों ने दिल दुखाया।

लगा लो बाबा मुझे गले से,

जमाने वालों ने दिल दुखाया,

समझ के बैठा था जिनको अपना,

समय पे कोई ना काम आया।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।