बड़ा प्यारा है तेरा श्रृंगार सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़ा प्यारा है तेरा श्रृंगार सांवरे,

ओ सांवरे,

बड़ा प्यारा है तेरा श्रृंगार सांवरे,

दिल में तुम्हारी तस्वीर बन गई,

देखते ही तुमको हुई बावरी,

हाय तुमसे हमारी तक़दीर बन गई,

मेरे हारे के सहारे लगा नैया को किनारे,

तेरे प्रेमी हैं बाबा आज हम तुम्हे पुकारे।

हो रही हैं बेचैनियां कैसे हम और तुम में,

छ गई हैं खामोशियाँ, है अजब से सिलसिले,

मेरी नैया की थामो पतवार सांवरे,

हाथों में है नाम की लकीर बन गई

देखते ही तुमको हुई बावरी,

हाय तुमसे हमारी तक़दीर बन गई,

मेरे हारे के सहारे लगा. नैया को किनारे,

तेरे प्रेमी हैं बाबा आज हम तुम्हे पुकारे।

नज़रें मिली तो चढ़ गया तेरी नज़रों का नशा,

हार गई तन मन वहीँ कोई भी ना तेरे नाम सा,

तूने कैसा दिया है उपहार सांवरे,

तेरे ही लिए मैं फ़कीर बन गई,

देखते ही तुमको हुई बावरी,

हाय तुमसे हमारी तक़दीर बन गई,

मेरे हारे के सहारे लगा. नैया को किनारे,

तेरे प्रेमी हैं बाबा आज हम तुम्हे पुकारे।

साथी बांके जबसे मुझे हो तुम मिल गए

बगिया में जैसे गुल खिल गए

तू ही माहि तू ही तो दिलदार सांवरे,

तेरा वैभव मेरी जागीर बन गई

देखते ही तुमको हुई बावरी हाय,

तुमसे हमारी तक़दीर बन गई

मेरे हारे के सहारे लगा. नैया को किनारे,

तेरे प्रेमी हैं बाबा आज हम तुम्हे पुकारे।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।