अवतार मां काली का दुनिया में निराला है

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अवतार मां काली का दुनिया में निराला है,

इस लाल चुनरिया में सूरज का उजाला है,

अवतार मां काली का....

नव रूप लिए मैया नवदुर्गा कहलाई,

नवजोत मेरी मैया इस जग में है छाई,

भक्तों के लिए तूने नौ रूप बनाया है,

अवतार मां काली का....

महाकाल बने शिव जी महाकाली कहलाई,

शिव भैरव रूप बने मां भैरवी बन आई,

असुरों के लघु से मां भरा तूने प्याला है,

अवतार मां काली का....

कहीं बनकर महागौरी कहीं बनकर महाकाली,

हर रूप में मां तुमने की सबकी रखवाली,

देवों ने किया तेरा श्रंगार निराला है,

अवतार मां काली का.....

जब सती हुई मैया तन शिवजी लटकाए,

किये टुकड़े विष्णु ने मंदिर वहां बन आए,

पूजी गई सब जग में तेरा रूप निराला है,

अवतार मां काली का दुनिया में निराला है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।