आज मेरे मैया आवेगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मालिन कर रही रस्ता साफ़ आज मेरे मैया आवेगी,

साथ में लांगुर लावेगी साथ में भैरव लावेगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

गंगा जाऊंगी वहां से जल भर ले आऊंगी,

अपनी मैया के चरण दबाऊ पैर दबाऊगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़...

बागो जाऊंगी वहां से फूलवा लाऊंगी,

अपनी मैया के गजरे लगाऊं हार पहनाऊंगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

चोला लाऊंगी मैया की साड़ी लाऊंगी,

अपनी मैया को चूनर उड़ा कर नजर उतारुगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

चूड़ियां लाऊंगी मैया की पायल लाऊंगी,

अपनी मैया को बिंदिया लगाऊं खूब सजाऊंगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

हलवा लाऊंगी मैया के लिए पूरी लाऊंगी,

अपनी मैया को भोग लगाऊंगी शीश झुकाऊंगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

कन्या बुलाऊंगी मैया की भेंटे गाउगी,

अपनी मैया की ताली बजाकर आरती उतारूंगी,

मालिन कर रही रस्ता साफ़....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।