जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

मेले में जोगन ने क्या क्या देखा,

साधु संत और चेले लांगुर रह गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

मेले में जोगन ने क्या क्या खरीदा,

झुमके चूड़ी और केले लांगुर रह गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

मेले में जोगन ने क्या-क्या बांटा,

बड़े-बड़े मिश्री के डेले लांगुर रह गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

मेले में जोगन ने क्या क्या खाया,

टॉफी बतासे और पेढे लांगुर रह गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

जोगन ने मैया से क्या-क्या मांगा,

अटल सुहाग मां दे दे लांगुर रह गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

जोगन ने मैया से क्या क्या मांगा,

गोदी में लालन खेले लांगुरिया गए अकेले,

जोगन चली गई मेले लांगुर रह गए अकेले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।