मेरी भोली मैया आना हमारी नगरिया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लाल लाल चूड़ियां लाल चुनरिया,

मेरी भोली मैया आना हमारी नगरिया.....

नीला पीला हरा रंग मां को नहीं भाए रे,

लाल रंग मैया जी के मन को लुभाय रे,

हीरा मोती जड़ी मां की दमके चुनरिया,

मेरी भोली मैया आना हमरी नगरिया.....

भक्ति भावना ही लगे मैया जी को प्यारी रे,

मैया की सुहानी छवि जग से निराली रे,

करती है करूना कि सब पर नजरिया,

मेरी भोली मैया आना हमरी नगरिया.....

सदा रहे मैया जी के दर से लिपट के,

जाएं भी तो कहां जाएं मैया जी से हटके,

मोहनी सुरतिया प्यारी प्यारी अखियां,

मेरी भोली मैया आना हमरी नगरिया.....

मांग लो रे मैया जी से प्रेम का खजाना,

मैया जी के चरणों में मन को लगाना,

लेगी मैया जी तो आके सबकी खबरिया,

मेरी भोली मैया आना हमरी नगरिया.....

हाथों में मेहंदी लागे मैया जी के प्यारी,

प्यारी प्यारी अखियां काजल से कजरारी,

कानों में झूमर माथे पर बिंदिया,

मेरी भोली मैया आना हमरी नगरिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।