तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू है हारे का सहारा मेरे सांवरे,

मुझे चाहिए सहारा तेरे नाम का,

यही अर्जी है तेरे दरबार में,

मुझे सेवक बना ले खाटू धाम का,

तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे.....

ना तो मांगू सोना चांदी,

हिरे मोती तुमसे मैं,

ना ही चाहूँ मान सम्मान मैं,

करूँ गुणगान तेरा,

बैठ तेरे चरणों में,

इतना ही मांगू वरदान मैं,

तेरी सेवा में रहूँगा दिन रात मैं,

कभी नाम ना लूँगा विश्राम का,

यही अर्जी है तेरे दरबार में,

मुझे सेवक बना ले खाटू धाम का,

तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे......

उठके सवेरे नित,

बाबा तेरे मंदिरों को,

पलकों से अपनी बुहांरुंगा,

गंगाजल मिले या ना,

मिले तेरे चरणों को,

आंसुओ से अपने पखारूँगा,

तेरी रजा में रहूँगा सदा राजी मैं,

है ये वादा बाबा तेरे इस गुलाम का,

यही अर्जी है तेरे दरबार में,

मुझे सेवक बना ले खाटू धाम का,

तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे......

टूट जाए डोर चाहे,

बाबा मेरी साँसों की ये,

तोडूंगा ना तेरा विश्वास मैं,

मर्जी है तेरी चाहे,

रखे जिस हाल मुझे,

बनके रहूँगा तेरा दास मैं,

तेरी सेवा से करूँ जो इंकार मैं,

फिर जीवन मेरा है किस काम का,

यही अर्जी है तेरे दरबार में,

मुझे सेवक बना ले खाटू धाम का,

तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।