माई सबके बाल गोपाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माई सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे,

खुशहाल रहे मालामाल रहे,

माईं सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे......

हंसते रहे नैनो के तारे,

हंसते रहे नैनो के तारे,

पलना में खेले लाल,

सदा खुशहाल रहे,

माईं सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे.....

बहन लगाये दूज का टीका,

बहन लगाये दूज का टीका,

राखी बांधे हर साल,

सदा खुशहाल रहे,

माईं सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे.....

रहे अमर गोदी के खिलौना,

रहे अमर गोदी के खिलौना,

पास ना आवे काल,

सदा खुशहाल रहे,

माईं सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे.....

जुड़े लक्ष्मी इनके अंगना,

जुड़े लक्ष्मी इनके अंगना,

सदा रहे माला माल,

सदा खुशहाल रहे,

माईं सबके बाल गोपाल,

सदा खुशहाल रहे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।