आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे,

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे,

तट यमुना दे जावां आजा साँवरे,

कदमाँ ते पींगहाँ पावाँ आजा साँवरे,

तेनू झूला झुलावा, तेथो वारे-वारे जावां, आजा साँवरे...

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे,

रुत आई प्यारी-प्यारी आजा साँवरे,

फूल खिले क्यारी-क्यारी आजा साँवरे,

वे मैं बिरहा दी मारी, किवें करां मैं गुज़ारी, आजा साँवरे...

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे,

घटा कालियां ने शाईयाँ आजा साँवरे,

श्यामा तेरीयाँ जुदाइयाँ आजा साँवरे,

मेथो सहियाँ ना जाइयाँ, ताहियों गल नाल लाइयाँ, आजा साँवरे...

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे,

आजा कृष्ण कन्हाई आजा साँवरे,

ऐनी देर क्योँ लगाई आजा साँवरे,

तेरी परसों ना आई, तेरी देखी चतुराई, आजा साँवरे....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे..... आजा साँवरे.....

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे..

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे..

आजा साँवरे सलोने मनमोहना वे, आजा साँवरे..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।