म्हारा श्याम रंगीला पलका उघाड़ो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हारा श्याम रंगीला पलका उघाड़ो,फागुन आ गया

पलका उघाड़ो फागुन आगयो

म्हारा श्याम रंगीला....

फागणियो रंगीलो महीनो, चंग सुरीला बाजे

झूम झूम के मस्त होइ कर , भगता छम छम नाचे जी

म्हारा श्याम रंगीला....

रंग बिरंगी सुन्दर सुन्दर,श्याम धवजा बनवाई,

लाज रखिये खाटूवाला, या ही टेर लगायी जी,

म्हारा श्याम रंगीला....

श्याम मंडल यो हेलो मारे,भगतो कान लगाज्यो ,

भीड़ मोकळी होसी अबके,बेगा नाम लिखाजो जी

म्हारा श्याम रंगीला....

मेले पाछे होली खेला,केसर रंग उडावा,

बनवारी भक्ता के सागे, श्याम कुंड में नहावाजी

म्हारा श्याम रंगीला....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।