थारा बंद दरवाजा खोल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मारा सांवरिया सिरमोर, थारा बंद दरवाजा खोल।

ओ माखन चोर मिश्री चोर, गलियन गलियन शोर।

मंडपिया वाला श्याम धनी, तू हसकर मुखड़े बोल।

मारा सांवरिया…..

कलयुग में तीर्थ है मोटो, मारा श्याम धनी तू है मोटो।

कोई नहीं है मारो बाबा, ई दुनिया रे माय।

तू बतडी नैया ने तारो, सांवरिया जी श्याम।

मारा सांवरिया…..

भक्ता ने लागो थे प्यारा, कलयुग में परचा है न्यारा।

अँधा ने आख्या देवो, लूला ने देवो पाँव।

मंडपिया वाला श्यामधनी, तू अब तो पलक खोल।

मारा सांवरिया…..

रोता ने हसता तू किना, दुखिया रा दुखड़ा तू लीना।

दुखिया रा दातार, सांवरा मारे सामो नाळ।

भक्ता रा दातार मासु, एकर मुखड़े बोल।

मारा सांवरिया…..

भक्ता रे कारण तू आवे, सूरत रे थारी मन भावे।

भक्त करी है अरज विनती, थारा चरणा माय।

भक्ता रा दातार मासु, एकर मुखड़े बोल।

मारा सांवरिया…..

मारा सांवरिया सिरमोर, थारा बंद दरवाजा खोल।

ओ माखन चोर मिश्री चोर, गलियन गलियन शोर।

मंडपिया वाला श्याम धनी, तू हसकर मुखड़े बोल।

मारा सांवरिया…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।