संकट को आने दो तूफान मंडराने दो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

संकट को आने दो,

तूफान मंडराने दो,

मेरे श्याम के रहते,

तुझे किस बात का है डर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

संकट आते है आएँगे जाएँगे,

श्याम के रहते,

कुछ ना तेरा कर पाएँगे,

इनके रहते क्यों भटक रहा,

इधर से उधर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

कश्ती तेरी लहरे रोक ना पाएंगी,

खुद ही तुझे तेरी,

मंजिल तक पहुंचाएगी,

क्या रोके कोई उसको,

जिसपे श्याम की नजर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

कैसे हो हालात ये साथ निभाएगा,

लाज बचाने,

आता रहा और आएगा,

सुख दुःख का साथी बनकर,

साथ चलेगा उम्र भर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

‘शानू’ की हर बिगड़ी बात संवारी है,

कर ले यकीन,

क्योंकि अब तेरी बारी है,

तू छोड़ के सबकुछ,

करले इन पर थोडा सबर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

संकट को आने दो,

तूफान मंडराने दो,

मेरे श्याम के रहते,

तुझे किस बात का है डर,

क्यों करता फिकर,

संकट को आने दों,

तूफान मंडराने दो।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।