आज नहीं तो कल राम मिलेंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आज नहीं तो कल राम मिलेंगे,

मेरा ये ही दावा है,

तेरे सब दुख दर्द मिटेंगे,

ये भी मेरा दावा है।।

जिस ने पाई शरण प्रभु की,

उस को कौन सतायेगा,

जिसकी डोर संभाली उसने,

कैसे धोका खायेगा,

वो तेरी पतवार बनेंगे,

ये भी मेरा दावा है,

आज नही तो कल राम मिलेंगे,

मेरा ये ही दावा है,

तेरे सब दुख दर्द मिटेंगे,

ये भी मेरा दावा है।।

ध्रुव प्रहलाद भक्त शबरी ने,

हरी से लगन लगाई थी,

कलयुग में वृषभान दुलारी,

मीरा बनकर आई थी,

सुबह नहीं तो शाम मिलेंगे,

ये भी मेरा दावा है,

आज नही तो कल राम मिलेंगे,

मेरा ये ही दावा है,

तेरे सब दुख दर्द मिटेंगे,

ये भी मेरा दावा है।।

आज नहीं तो कल राम मिलेंगे,

मेरा ये ही दावा है,

तेरे सब दुख दर्द मिटेंगे,

ये भी मेरा दावा है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।