जन्माष्टमी का है पावन दिनवा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( आया मंगल महोत्सव जन्मदिन के हो,

आओ सब लोग मनाएं ये जन्मोत्सव हो।

सब भक्तन के मुख पे छाई है खुशियां,

मेरे कान्हा की छवि लुभावन है हो।। )

सारी दुनिया के पालनहारे,

आये धरती पे हम सब के प्यारे।।

नंद यशोदा जी सब कुछ लूटा दीजिये,

हां लुटा दीजिये..

जन्माष्टमी का पावन है दिनवा,

कि सब लोग बधाई दीजिये।।

भाँदव की अष्टमी आधी रतिया में आया कन्हैया।

गोकुल की धरती पे खुशियाँ है छाई जब आया कन्हैया।।

नंद यशोदा के लाला का दर्शन कीजिए,

हां जी दर्शन कीजिए।।

ग्वाल वाल सब खुशियाँ मनाए ,मंगल गायें ।

सारी दुनिया मस्ती में झूमे धन धाम लुटाए।।

गोपियां भी कान्हा को गोद में लिए

हाँ लाड प्रेम किये।।

कृष्णा ने सबको प्रेम सिखाया, कृपा बरसाया।

फिर भी हम सब समझ ना पाए,घेर ली है माया।।

अपने सौरभ को अब तो बचा लीजिए,

अब शरण लीजिए।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।