अगर राघव के चरणों में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अगर राघव के चरणों मे ,

जगह थोड़ी सी मिल जाये।

तो संभव है मेरा जीवन,

ये सारा ही बदल जाये।।

कई जन्मों से मैली है,

मेरी ये नूर सी चादर।

उठाये अब नही उठती ,

मेरी पापों की ये गागर।।

लगादो हाथ थोड़ा जो,

वजन इसका बदल जाये।।

अगर राघव के चरणों मे ,

जगह थोड़ी सी मिल जाये।

मैं पापी हूँ बड़ा ऐसा,

कभी मंदिर नही आया।

भजन राघव तुम्हारे नाम का,

एक भी नही गया।।

तूँ चाहे तो दया सागर में

मेरे पाप सब धूल जाएं।।

अगर राघव के चरणों मे ,

जगह थोड़ी सी मिल जाये।

ये सांसे आखिरी जीवन की,

न जाने कब ये ढल जाएं।

ये सारे रास्ते जीवन के ,

जाने कब बदल जाएं।।

न करना देर कि राजेन्द्र का,

सब कुछ ही छल जाए।।

अगर राघव के चरणों मे ,

जगह थोड़ी सी मिल जाये।।

गीतकार/गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।