देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

पहली बार भोले गए ससुराल, टूटी सी खटिया बापे,

फटो हुओ टाट,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

दूजे बार भोले गए ससुराल, लंबो गिलास बापे,

खट्टी सी छाछ,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

तिजी बार भोले गए ससुराल, मक्का की रोटी बापे,

सरसों का साग,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

चौथी बार भोले गए ससुराल, बैठे हैं पास कोई,

कोई पूछे ना हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

पांचवीं बार भोले गए ससुराल, भोले ने गौरा को बुलाया,

नार लिया घूंघट फुलाए लिया गाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

छठवीं बार भोले गए ससुराल, गौरा ने भोले को देखा,

मांग ली माफी और जोड़ लिए हाथ,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल,

देख लिया गौरा तेरे मायके का हाल,

तेरा मायका कमाल, तेरा मायका कमाल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।