कीर्तन करते करते हमको आधी रात हो गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कीर्तन करते करते,

हमको आधी रात हो गई,

रीझे बाबा ना हमारे,

क्या बात हो गई।।

तुमने बुलाया मैं दौड़ा दौड़ा आया,

आके तेरा गुण गाया,

तूने मुझको तो अपना बनाया था,

तुमने घर घर में मुझको नचाया था,

रूठ गए क्यों बाबा मेरे क्या बात हो गई,

किर्तन करते करते,

हमको आधी रात हो गई।।

करके दीवाना बनाओ ना बेगाना,

मुझे मारेगा ताना जमाना,

मेने तुझको निठुर नहीं जाना था,

जीवन साथी में तुझको माना था,

क्यों मन दुखाता है बाबा क्या बात हो गई,

किर्तन करते करते,

हमको आधी रात हो गई।।

सुनो बनवारी उड़ाओ नही हांसी,

देदो चाहे मुझे फाँसी,

नही हांसी उड़ा दुःख पाउँगा,

सच्चे मन से तेरा गुण गाऊंगा,

अरे जी कीकर जोड़कर के वो पास हो गई,

किर्तन करते करते,

हमको आधी रात हो गई।।

कीर्तन करते करते,

हमको आधी रात हो गई,

रीझे बाबा ना हमारे,

क्या बात हो गई।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।