बचपन का यार मैं हूं श्याम का दिवाना रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम का मैं फैन हूं नाम है सुदामा रे,

बचपन का यार मैं हूं श्याम का दिवाना रे....

दिन है लाचार है तन का नही ठिकाना रे,

लगता नही तु श्याम का दिवाना रे,

बचपन की यारी मेरी भूल नहीं जाना रे.......

सिर पे नही पगड़ी रे तन पे नही जमा है,

दीन है गरीबी है नाम है सुदामा रे,

श्याम का मैं फैन.......

झट पट दौड़े श्याम मिलने सुदामा रे,

लिपट लिपट रोए यार ये सुदामा रे,

बचपन की यारी मेरी.......

सेठों का तू सेठ है द्वारीकारा सेठ है,

बचपन की यारी मेरी भूल नहीं जाना रे,

बचपन की यारी मेरी.......

यारो का तू यार है दिनों का तू नाथ है,

यार इस सुदामा को भूल नहीं जाना रे,

बचपन की यारी मेरी भूल नहीं जाना रे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।