आओ म्हारा सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ म्हारा सांवरिया थे आंगण में,

आओ आओ म्हारा सांवरिया थे आंगण में,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में……….

कीर्तन की रात बाबा बेगा बेगा आओ,

लीले चढ़ बाबाजी थे बेगा बेगा आओ,

लीले चढ़ बाबाजी थे बेगा बेगा आओ,

कांई लागै है जी बाबा, थारें आवण में,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में………

ढोल नगाड़ा बाबा मंजीरा बजावां,

मीठा मीठा बाबा थाने भजन सुनावां,

मीठा मीठा बाबा थाने भजन सुनावां,

बाबा टाबरिया नाचे है थारें आंगण में,

बाबा टाबरिया नाचे है थारें आंगण में,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में………..

केसरिया बागो यो बाबा थाने पहरावा,

चांदी रो थारें बाबा छत्र लगावा,

म्हें तो फुला स्युं सजायो थारें आंगण ने,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में………..

‘केशव’ केवै बाबा म्हारी अरज सुनिज्यो,

चरणां री चाकरी थे म्हानै भी दिज्यो,

चरणां री चाकरी थे म्हानै भी दिज्यो,

म्हाने लाज कोनी आवे थांसु मांगण में,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में………..

आओ आओ म्हारा सांवरिया थे आंगण में,

आओ आओ म्हारा सांवरिया थे आंगण में,

रातां म्हें जगावा सारी जागण में………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।