अस्सी श्याम दीवाने हाँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अस्सी श्याम दीवाने हाँ,

कोई दर जचदा नहीं, खाटू वाले दे दीवाने हाँ,

तैनू रोज मनावांगे, तेरी ज्योत जगावांगे,

सब कुछ भूल अपना, तेरे रंग विच रंग जांगे...

तू हारे दा सहारा ए,

मेरा वी सहारा बन जा, मेरा कोई न सहारा ए...

तू शीश दा दानी ए,

तेरे जेहां होर कोई ना, तेरी दुनिया दीवानी ए...

मेरी नैया नूं बचालै वे,

कित्ते मैं ना डुब जांवा, मेरा मांझी बन जा वे...

बड़ी दूर तों आया हाँ,

मेरी वी पुकार सुन ले, बड़ी आस लैके आया हाँ....

तेजी भजन सुनांदे ने, तैनू रोज रिझांदे ने,

बाबा श्याम मेहर करी, तेरे बछड़े बुलांदे ने....

हर फागण आवांगे,

मार पिचकारी सांवरे, तैनू रंग वी लगावांगे....

तैनू फुल्लां नाल सजावांगे, तैनू इत्तर लगावांगे,

तेरे सोणे मुखड़े नूं, अस्सी अखां च वसावांगे....

अस्सी खाटू आवांगे, तैनू घर लैके जावांगे,

चल मेरे नाम सांवरे, अम्बरसर वी घुमावांगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।