तेरे से ना छिपे है हालात

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे से ना छिपे है,

हालात ये हमारे,

हालात ये हमारे,

तेरे से ना छिपें हैं...

मजधार में फंसे है,

टूटी सी नाव लेकर,

ये भी टिकेगी कब तक,

तू जाने हमसे बेहतर,

लगता समय में थोड़े,

डूबेंगे हम बेचारे,

डूबेंगे हम बेचारे,

तेरे से ना छिपें हैं,

हालात ये हमारे,

हालात ये हमारे.....

कैसे कन्हैया पल पल,

पूछो बिता रहे है,

अंदर से हम तो तिलतिल,

मरते ही जा रहे है,

किसका ले हम सहारा,

यहाँ सब है बेसहारे,

यहाँ सब है बेसहारे,

तेरे से ना छिपें हैं,

हालात ये हमारे,

हालात ये हमारे.....

बाहें पसारी हमने,

तुमको बुला रहे है,

तुम पर उम्मीदें बाबा,

अपनी टिका रहे है,

आओ ‘कमल’ कन्हैया,

हारे के बन सहारे,

हारे के बन सहारे,

तेरे से ना छिपें हैं,

हालात ये हमारे,

हालात ये हमारे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।