तकदीर वाले हैं जो माँ की करे भक्ति

पारंपरिक
महादेव भजन रानी सती दादी भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तकदीर वाले हैं जो माँ की करे भक्ति,

भगवान मिल जाये मियाँ नही मिलती,

ब्रह्मा ने लिख डाला,विष्णु ने लिख डाला,

मियाँ के वारे में शिव जी ने लिख डाला,

महिमा मेरी मियाँ की पूरी नही होती,

तकदीर वाले हैं जो माँ की...........

बेटा बदल जाये माँ नही बदल ती,

बेटे का दुःख देख खे माँ के आंसू निकले,

इक पल मेरे माँ की नजरे नही हट टी,

तकदीर वाले हैं जो माँ की..........

मियाँ के चरणों में अपना ठिकाना हो,

बनवारी अंचल में जीवन बिताना हो,

बैकुंठ की चिन्तनी अशी नही लगती,

तकदीर वाले हैं जो माँ की..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।