साई तूने शिरडी बुलाया है

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

सोच रहे थे कबसे,

दर्शन को थे तरसे,

चातक नैनो के,

तेरे बिन साईराम,

तेरे बिन साईराम....

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

सोच रहे थे कबसे,

दर्शन को थे तरसे,

चातक नैनो के,

तेरे बिन साईराम,

तेरे बिन साईराम....

चल रे जाये,

हे मनवा साई के धाम,

रट ले रट ले हे रस ने साई का नाम,

चल रे जाये,

हे मनवा साई के धाम,

रट ले रट ले हे रस ने साई का नाम,

अब एक पल भी बितायी ना जाये,

तन मन की हालत छुपाई ना जाये,

अरमां के पंछी पर जो ना होते,

उड़ कैसे पाते,

तेरे बिन साईराम,

तेरे बिन साईराम....

अब है जल्दी हमे चलना तुझे मिलने,

ना रुकना है कहीं हमको कहा दिल ने,

हो अब है जल्दी हमे चलना तुझे मिलने,

ना रुकना है कहीं हमको कहा दिल ने,

अब दाना तब तलक नहीं लेंगे,

जब तक साई की झलक नहीं लेंगे,

हम आज है जो वो तेरे कारण,

वरना क्या होता,

तेरे बिन साईराम,

तेरे बिन साईराम.....

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

साई तूने शिरडी बुलाया है,

तब से ये मन ललचाया है,

सोच रहे थे कबसे,

दर्शन को थे तरसे,

चातक नैनो के,

तेरे बिन साईराम,

तेरे बिन साईराम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।