तेरा बिना श्याम हमारा नही कोई रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे ।

हमारा नहीं कोई रे, सहारा नहीं कोई रे ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

तेरे बिना श्याम

गहरी-गहरी नदियाँ, नाव पुरानी ।

डूबन लागी नाव बचाया नहीं कोई रे ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

अमवा को डाली पर, पिंजड़ा टँगाया ।

उड गया सूवा, पढ़ाया नहीं कोई रे ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

भाई और बन्धु कुटुम्ब कबीला ।

बिगड़ी जो बात, बनाया नहीं कोई रे ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

जब से तेरी शरण मै आया ।

तेरे जैसा लाड़ लड़ाया नहीं कोई रे ॥

तेरे बिना श्याम, हमारा नहीं कोई रे

कहत कबीर सुनो भाई साधो।

गुरु बिन ज्ञान, सिखाया नहीं कोई रे॥

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

हमारा नहीं कोई रे, सहारा नहीं कोई रे

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

मैंने तुझ पर सब कुछ वारा,

तू मुझको प्राणों से प्यारा।

तेरे जैसा साथ, निभाया नहीं कोई रे॥

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

घर-घर तेरा नाम जपाऊँ,

तेरी महिमा सबको सुनाऊँ।

तेरे जैसा प्रेम, दिखाया नहीं कोई रे॥

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

तुम जैसा दातार न पाऊँ,

तुमको छोड़ मैं किस दर जाऊँ ।

तेरे जैसा मान, बढ़ाया नहीं कोई रे॥

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे

तेरे बिना श्याम हमारा नहीं कोई रे।

9887203444

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।