प्रभु राम का सुमिरन कर

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जाएगा,

यही राम नाम तुझको,

भव पार लगाएगा,

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा।

मिथ्या जग में कबसे,

तू पगले रहा है डोल,

तू इनकी शरण आकर,

हाथों को जोड़ के बोल,

ये दास तुम्हारा अब,

कहीं और ना जाएगा,

यही राम नाम तुझको,

भव पार लगायेगा,

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा।

कैसा भी समय आए,

कैसी भी घड़ी आए,

सच्चे ह्रदय से जो,

सुमिरन इनका गाए,

हर विपदा में उसका,

ये साथ निभाएगा,

यही राम नाम तुझको,

भव पार लगायेगा,

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा।

कब जाने ढल जाए,

दो पल का है जीवन,

प्रभु राम के चरणों में,

कर दे तू कुछ अर्पण,

तेरे साथ में बस केवल,

यही नाम ही जाएगा,

यही राम नाम तुझको,

भव पार लगायेगा,

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा।

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा,

यही राम नाम तुझको,

भव पार लगाएगा,

प्रभु राम का सुमिरन कर,

हर दुख मिट जायेगा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।