हे लाडली राधे मेरे जीवन में( by chitra vichitra)

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री राधे, श्री राधे,

हे लाडली राधे मेरे जीवन में,

ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,

तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,

आंसुओं की यमुना बह जाए।

पल पल छीन छीन प्यारी राधे,

तेरी बाट निहारु में,

इस जीवन की हर श्वास श्वास में,

तुम्हें पुकारूँ मैं,

रहा अब जाए ना,

कहा कुछ जाए ना,

तेरे चरणों की सेवा में,

जीवन मेरा ये कट जाए,

हे लाडली राधे मेरे जीवन में,

ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।

इतना वियोगी बन जाऊं,

सुध बुध खो जाए सारी,

मूर्छित पड़ा रहूँ बृज रज में,

बनकर तेरा दरश भिखारी,

दशा मुझ दिन की,

मंद मतिहीन की,

तभी सुधरेगी की श्री श्यामा,

हाथ सिर पर जो सहरावे,

हे लाडली राधे मेरे जीवन में,

ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।

दे देना जगह नीच चरनन में,

यही कामना जीवन की,

प्रीतम संग प्यारी आओगी,

सुध लेना निर्धन की,

कृपा बरसाओ की

मुझे अपनाओगी

तेरी करुणा भरी दृष्टि को

ये चित्र विचित्र भी ललचावे,

हे लाडली राधे मेरे जीवन में,

ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।

श्री राधे, श्री राधे,

हे लाडली राधे मेरे जीवन में,

ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,

तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,

आंसुओं की यमुना बह जाए।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।