राम राज फिर आएगा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम का बजेगा डंका,

जय श्री राम, जय श्री राम,

राम नाम का बजेगा डंका,

इसमें नहीं है कोई शंका,

राम में जग रम जाएगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

दुनियां का हर प्राणी एक दिन,

राम की महिमा गायेगा।

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

जाग उठा है हिन्दू सारा,

श्री राम के नारों से,

अब ना कोई डरा सकेगा,

तीरों से तलवारों से,

हमसे जो टकराएगा,

वो चूर चूर हो जाएगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

काशी नगरी शिव जी की है,

और अयोध्या राम की,

मथुरा वृन्दावन खाटू की,

धरती है श्री श्याम की,

देवों की इस भूमि में कोई,

असुर नहीं रह पायेगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

ऋषि मुनि साधू संतों की,

मेहनत रंग लाएगी,

भारत की यश कीर्ति,

दिन पे दिन बढ़ती जायेगी,

आने वाले दिनों में भारत,

विश्वगुरु कहलायेगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

कारसेवकों के बलिदानों को,

हम हिन्दू ना भूलेंगे,

राम का मंदिर बनवाके,

हम अपना हक वसूलेंगे,

हमने जो देखा है सपना,

वो सत्य ही हो जाएगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

काशी के सब घाट सजे,

सजी शिव नगरी प्यारी है,

बनने लगा श्री राम का मंदिर,

अब मथुरा की बारी है,

हिन्दू धर्म की व्यापकता को,

कोई नाप ना पायेगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

सत्य सनातन धर्म का रुतबा,

सब धर्मों से ऊँचा है,

इसीलिए राजेश घर घर होती,

राम की पूजा है,

राम राज आते ही,

हर रावण का अंत हो जाएगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

राम नाम का बजेगा डंका,

जय श्री राम, जय श्री राम,

राम नाम का बजेगा डंका,

इसमें नहीं है कोई शंका,

राम में जग रम जाएगा,

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

दुनियां का हर प्राणी एक दिन,

राम की महिमा गायेगा।

राम राज फिर आएगा,

केसरिया लहराएगा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।