ग्यारस चानन की आयी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस चानन की आयी,भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मजीरा बाजे महारे आंगने ओ बाबा झांझ मजीरा ....

ग्यारस चानन की आयी.......

मन में हरियाली छाई,भगता अरदास लगायी

झांझ मजीरा बाजे महारे आंगने.....

चमचम चमकातो बागो काना में कुण्डल हो,काना में कुण्डल

हिवड़ो हरसायो महारो, भला पधारया हो भला पधारया

हीरो भलके माथे में, अंतर गमके बागा में,

फूलड़ा बरसे छःमहारे आंगने 2

ग्यारस चानन की आयी.......

गंगाजल झारी थारा, चरण पखारा ओ चरण पखारा

उंच्चे सिंघाशन बैठो बाबा, आरती उतारा ओ आरती उतारा

भजन सुनावा थाने, गाकर रिझावा थाने

अमृत बरसे छः म्हारे आंगने,२

ग्यारस चानन की आयी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।