ग्यारस का व्रत मैं करती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस का व्रत मैं करती,

हरी नाम की माला जपती......

मैंने पहली माला फेरी,

सासुल ने आकर घेरी,

कभी करती ना सेवा मेरी,

हरी नाम की माला जपती......

मैंने दूजी माला फेरी,

बेटे ने आकर घेरी,

कुछ काम धाम नहीं करती,

हरी नाम की माला जपती......

मैंने तीजि माला फेरी,

बहुअल ने आकर घेरी,

ना मेरे लाल खिलाती,

हरी नाम की माला जपती......

मैंने चौथी माला फेरी,

बेटी ने आकर घेरी,

कुछ देन लेन नहीं करती,

हरी नाम की माला जपती......

मैंने पांचवी माला फेरी,

साजन ने आकर घेरी,

कभी पास ना हमरे बैठती,

हरी नाम की माला जपती......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।