हमने जग की अजब तस्वीर देखी

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॥ पावन पाठ ॥

हमने जग की अजब तस्वीर देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं,

ये प्रभु की अद्भुत जागीर देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं......

हमे हँसते मुखड़े चार मिले,

दुखियारे चेहरे हज़ार मिले,

यहाँ सुख से सौ गुनी पीड़ देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं,

हमने जग की अजब तसवीर देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं......

दो एक सुखी यहाँ लाखों में

आंसू है करोड़ों आँखों में

हमने गिन गिन हर तकदीर देखी

एक हँसता है दस रोते हैं

हमने जग की अजब तसवीर देखी

एक हँसता है दस रोते हैं......

कुछ बोल प्रभु ये क्या माया,

तेरा खेल समझ में ना आया,

हमने देखे महल रे कुटीर देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं,

हमने जग की अजब तसवीर देखी,

एक हँसता है दस रोते हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।