जन्म लियो मेरे रघुराई

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जन्म लियो मेरे रघुराई, अवधपुरी में बहार आई.......

कलियों ने घूंघट खोले,

भमरा भी हस हस बोले,

बरसा ने रिमझिम पाई, अवधपुरी में बहार आई......

बालक रूप निराला है,

मन को भाने वाला है,

राम लखन दोनों भाई, अवधपुरी में बहार आई......

मात कौशल्या बड़भागी,

दशरथ की किस्मत जागी,

धनुष तोड़ सीता ब्याही, अवधपुरी में बहार आई.....

दासी अर्ज लगाती है,

चरण कमल में पडती है,

चरणों में राखो रघुराई, अवधपुरी में बहार आई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।