गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरा माँ के लाल तुम्हे घर में बुलाते है,

ज्योत जलाते है, देवा मनाते है।।

मन के इस मंदिर में आकर देवा भाग जगा दो,

घर में सुख की वर्षा करके, घर को स्वर्ग बना दो,

ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......

गणपति जी को मूषक प्यारा,

करके सवारी आओ,

भक्तो के जीवन से देवा,

गम को दूर हटाओ,

ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......

एक दन्त और लम्बोदर जी गणपति जी कहलाये,

रिद्धि सिद्धि के स्वामी गजानन कहलाये,

चार भुजाधारी ये देखो सबके विघ्न मिटाये,

सब देवो में सबसे पहले देखो पूजे जाए,

ज्योत जलाते है, देवा मनाते है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।