मुझको तेरे दर्शन हो जाते

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( मेरी भी ज़िंदगी में ख़ुशी के कुछ पल जुड़ जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते,

दुखड़े सभी पल में मिट जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते। )

दुखड़े सभी पल में मिट जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते,

कितने हसीन आलम हो जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते,

देखे बिना ना आये सकूंन,

ना आये करार मुझे,

हर मंझिल आसान हो जाती,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते।।

आया नहीं मैं कभी,

द्वार पे तेरे,

फिर भी टिका हु,

नाम पे तेरे,

खाटू वाले बाबा, साथ निभाना,

इतनी तम्मना है बस मेरी,

बिगड़े हुए सब काम बन जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते,

कितने हसीन आलम हो जाते,

मुझको तेरे दर्शन हो जाते........

तुझसे मिला है जो,

कही ना मिला है,

तेरी भक्ति का ही सिला है,

तीन बाण धारी,

तू है चमत्कारी,

आखरी तम्मना है अब मेरी,

मुझको मेरी मंझिल मिल जाये,

सबको तेरा दर्शन हो जाये,

हर घर तेरा मंदिर बन जाये,

सबको तेरा दर्शन हो जाये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।