क्या दम का भरोसा यार दम आये या ना आये

कृष्ण दास भूटानी
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

की दम दा भरोसा यार, दम आवे ना आवे ।

इस जीवन दे दिन चार, दम आवे ना आवे ॥

मिटटी दे खिलोनेया वे मिटटी हो जावेंगा,

पापा दे समुदरां च मोती किवें पावेंगा ।

अज्ज वक़्त है सोच विचार, दम आवे ना आवे,

इस जीवन दे दिन चार, दम आवे ना आवे ॥

माया दा तू कर ना गुमान ओए मूर्खा,

धरी रह जायेगी तेरी शान ओए मूर्खा ।

छड इस माया नाल प्यार, दम आवे ना आवे,

इस जीवन दे दिन चार, दम आवे ना आवे ॥

जिना दे लयी ठगीयां फरेब तू ए करदा,

देखीं तेरे नाल नईओ जांणा कोई घर दा ।

ना कर जीवन बेकार, दम आवे ना आवे

इस जीवन दे दिन चार, दम आवे ना आवे ॥

उस दा बुलावा जदों, ʻदासʼ तेनु आवेगा,

नाम दा खजाना फिर कम् तेरे आवेगा ।

कुछ अपना आप सवार, दम आवे ना आवे,

इस जीवन दे दिन चार, दम आवे ना आवे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।