जोगी बन जाना शिवा दा नाम जपके

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जोगी बन जाना शिवा दा नाम जपके.....

माएँ नि माएँ मैनु चोला प्वाई दे,

चोलियाँ ओं पाँदे जीना दे पुत्र जोगी.....

माएँ नि माएँ मैनु मुंद्रा प्वाई दे,

मुंद्रा ओं पाँदे जीना दे पुत्र जोगी.....

माएँ नि माएँ मैनु चिम्टा प्वाई दे,

चिम्टा ओं पाँदे जीना दे पुत्र जोगी.....

माएँ नि माएँ मैनु मुकुट प्वाई दे,

मुकुट ओं पाँदे जीना दे पुत्र जोगी.....

माएँ नि माएँ मैनु खंडोंआँ प्वाई दे,

खंडोंआँ ओं पाँदे जीना दे पुत्र जोगी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।