तू बिगड़ी सबकी सँवारे

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू बिगड़ी सबकी सँवारे,

आये हम तेरे द्वारे,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

तू बिगड़ी सबकी सँवारे,

आये हम तेरे द्वारे,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम.....

धन दिया निर्धन को तूने,

बल दिया निर्बल को तूने,

साईदेवा साईदेवा,

हो भक्तों के दुःख दर्द मिटाये,

सुने अंगना पल में झुलाये,

साईदेवा साईदेवा,

है खाली हमारी झोली,

तू भर दे साई,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

तू बिगड़ी सबकी सँवारे,

आये हम तेरे द्वारे,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

ॐ साईराम,

ॐ साईराम......

गुमराहों को राह दिखाई,

नास्तिकों में श्रद्धा जगाई,

साईदेवा साईदेवा,

गिरतों को है तुने संभाला,

सबका साई तू रखवाला,

साईदेवा साईदेवा,

जो करे भक्ति साई तेरी,

मुक्ति वो पाए,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

तू बिगड़ी सबकी सँवारे,

आये हम तेरे द्वारे,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम,

साईराम साईराम.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।