मेरे बालाजी महाराज आ कर सुन लो मेरी पुकार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बालाजी महाराज आ कर सुन लो मेरी पुकार,

ना मांगू मैं सोना चांदी ना नौलखा हार,

मेरे बालाजी महाराज.....

घर दो मंजिल वाला दीजो द्वारे मोटर कार,

जिस पर चढ़कर ओ मेरे बाबा आउ तेरे द्वार,

मेरे बालाजी महाराज.....

बेटा सरवन जैसा दीजो बहू कुलवंती नार,

पोता पोती ऐसे दी जो जैसे फूल गुलाब,

मेरे बालाजी महाराज.....

बेटी लक्ष्मी जैसी दीजो अन धन का भंडार,

ले देकर में विदा करूं वह सदा रहे खुशहाल,

मेरी बालाजी महाराज....

पति कन्हैया जैसा दीजो सदा रखें मेरा ख्याल,

सारी उमरिया बाहों में झूलू हाथों में निकले प्राण,

मेरे बालाजी महाराज...

मांग मोतियन से भरी रहे और अटल रहे सुहाग,

लाल चुनरिया ओढ़ के बाबा आऊं तेरे द्वार,

मेरे बालाजी महाराज आ कर सुन लो मेरी पुकार......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।