दिल पे हमारे माँ बस राज तुम्हारा है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज-मेरे घर के आगे साईं नाथ

दिल पे हमारे माँ बस राज तुम्हारा है

जो है सब है तेरा,कुछ न हमारा है

न फिकर हमें कोई,न कोई चिन्ता है

तेरी किर्पा से माँ,हर काम बनता है

जीवन में खुशियों का,भण्डार पधारा है

तेरे सिवा कुछ भी,अब याद नहीं है माँ

दर्शन सिवा कोई,फ़रियाद नहीं है माँ

तू ही मैया मेरी,बस एक अधारा है

तू साथ है मेरे,तो डर सताए न

तेरे दीदार बिना,कुछ भी सुहाए न

मैं नैया हूँ माँ तू,मेरा किनारा है

गुणगान तेरे गाऊँ,ये सेवा तूने दी

जाना माना जाऊँ,कुछ ऐसी किर्पा की

मोहित को इक पल न,तुझ बिन गवारा है

मोहित साईं(भजन गायक एवं लेखक)

अयोध्या धाम

09044466616

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।