बांके बिहारी तेरी याद सताए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बांके बिहारी तेरी याद सताए,

याद सताये मेरे नैना भर आये,

बांके बिहारी तेरी याद सताए।

आँखों में तेरी सूरत प्यारी,

यादों में तेरी मूरत प्यारी,

नैनो में तेरी छवि मुस्काये,

बांके बिहारी तेरी याद सताए।

फूलों कलियों में तेरी छवि है,

बुलबुल के गीतों में तुम्हारी श्रुति है,

वाणी तेरी ही तेरे गुण गाये,

बाँके बिहारी तेरी याद सताये।

प्रभु हम भक्तों की चाह ये ही है,

तुम्हारे मिलन की आस जगी है,

एक पल भी ना तुमको भुलाएं,

बाँके बिहारी तेरी याद सताये।

बांके बिहारी तेरी याद सताये।

याद सताये मेरे नैना भर आए।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।