बोलो जय मैया सिंह वाहिनी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी,

बोलो जय मैया सुख दायिनी,

भवनिधि तारक शक्ति कष्ट निवारक शक्ति,

महामाया वर दायिनी,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी....

ज्योति स्वरुप जग जननी तुम ही हो दुःख हरणी,

मैया तुम ही हो दुःख हरणी,

भय संताप की हन ली,

भय संताप की हन ली,

महादेवी सुख करणी,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी....

आदी भवानी महादाती अष्ट भुजाओंवाली,

मैया अष्ट भुजाओंवाली,

कालीका दानव दलनी,

कालीका दानव दलनी,

तुम ही हो महाकाली,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी.....

अमर अनंत तेरी लीला वास तेरा वास कण कण में,

मैया वास कण कण में,

डंका बजे तेरे नाम का,

डंका बजे तेरे नाम का,

तीनो काल त्रिभुवन में,

जय जय मैया सिंह वाहिनी......

रवि शशि अनगिन तारे जड़े तेरे मुकुट में है,

मैया जड़े तेरे मुकुट में है,

शुद्ध चित्त तुम्हे जो आराधे,

शुद्ध चित्त तुम्हे जो आराधे,

वो तेरे निकट में है,

जय जय मैया सिंह वाहिनी,

जय जय मैया सिंह वाहिनी

बोलो जय मैया सुख दायिनी,

भवनिधि तारक शक्ति कष्ट निवारक शक्ति,

महामाया वर दायिनी,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी....

ज्ञान की अद्भुत सरिता दिव्य कलाओंवाली,

मैया दिव्य कलाओंवाली,

झुकते तुम्हारे चरणों में,

झुकते तुम्हारे चरणों में,

बड़े बड़े बलशाली,

जय जय मैया सिंह वाहिनी,

श्रद्धा से जो तेरे दर आता जो भी तेरे गुण गाता,

मैया जो भी तेरे गुण गाता,

खाली न जाता सवाली,

माँ निर्दोष कला वाली,

झोली वो भर जाता,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी,

जय जय मैया सिंह वाहिनी,

बोलो जय मैया सुख दायिनी,

भवनिधि तारक शक्ति कष्ट निवारक शक्ति,

महामाया वर दायिनी,

बोलो जय मैया सिंह वाहिनी,

जय जय मैया सिंह वाहिनी,

बोलो जय मैया सुख दायिनी,

भवनिधि तारक शक्ति कष्ट निवारक शक्ति,

महामाया वर दायिनी,

जय जय मैया सिंह वाहिनी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।