मेरा श्याम आजाता मेरे सामने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है,

तेरा साथ ठंडी छाया बाकी दुनिया धूप है,

जब जब भी इसे पुकारू मै, तस्वीर को इसकी निहारू मै ,

ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने.....

खुश हो जाएगर सावरिया किस्मत को चमका देता,

हांथ पकडले अगर किसी का जीवन धन्यबना देता,

यह बातें सोच विचारू मै, तस्वीर को इसकी निहारू मै,

ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने.....

गिरने से पहले ही आकर बाबा मुझे संभालेगा,

पूरा है विश्वास है कभी तू तूफ़ानो से निकालेगा,

ये तनमन तुझपे वारु मै, तस्वीर को इसकी निहारू मै,

ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने....

श्याम के आगे मुझको तो ये दुनिया फिकी लगती है,

जिस मोह में और जान है वो इतनी नजदीकी लगती है,

अपनी तक़दीर सवांरु मै, तस्वीर को इसकी निहारू मै,

ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने,

ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।