ऐ श्याम तुम्हे मैं खत लिखती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ श्याम तुझे मैं खत लिखता,

पर पता मुझे मालूम नहीं।।

मैंने सूरज से पूछा चंदा से पूछा,

पूछा झिलमिल तारों से,

तारों ने कहा कण कण में है,

पर पता मुझे मालूम नहीं,

ऐ श्याम तुझे मै खत लिखता,

पर पता मुझे मालूम नहीं।।

मैंने फूलों से पूछा कलियों से पूछा,

पूछा बाग के माली से,

माली ने कहा हर फूल में है,

पर पता मुझे मालूम नहीं,

ऐ श्याम तुझे मै खत लिखता,

पर पता मुझे मालूम नहीं।।

मैंने सागर से पूछा नदियों से पूछा,

पूछा बहते झरनों से,

झरनों ने कहा हर बून्द में है,

पर पता मुझे मालूम नहीं,

ऐ श्याम तुझे मै खत लिखता,

पर पता मुझे मालूम नहीं।।

मैंने हनुमत से पूछा शिवजी से पूछा,

पूछा देवी देवों से,

देवों ने कहा वो खाटू में है,

मिल जाएंगे तुमको श्याम वहीं,

ऐ श्याम तुझे मै खत लिखता,

पर पता मुझे मालूम नहीं।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।