हे माँ लक्ष्मी हमको भी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं नाम कमाऊं जग में,

बड़ा बन जाऊं धनवान,

हे माँ लक्ष्मी हमको भी दे दो ये वरदान,

ये लो बता दो माँ लक्ष्मी कैसे खुश तुमको करना है,

मुझको भी अपना जीवन बस खुशियों से ही भरना है,

मुझपे भी कृपा कर दो माँ लक्ष्मी कृपा निधान,

हे माँ लक्ष्मी हमको भी दे दो ये वरदान.....

जिसपे तुम्हारी कृपा हो जाती वो तो तर जाता है,

तुमको जो है पूजता जीवन खुशियों से भर जाता है,

दिन रात तुम्हारा करता माँ लक्ष्मी मैं गुणगान,

हे माँ लक्ष्मी हमको भी दे दो ये वरदान.....

धन कुबेर के माँ लक्ष्मी तुम से ही खजाने मिलते है,

आपने चरण जहां पड़ते खुशियों के कमल वहां खिलते है,

तुम ममता का सागर हो माँ लक्ष्मी हो दयावान,

हे माँ लक्ष्मी हमको भी दे दो ये वरदान....

चरणों तुम्हारे विनती है करुणा भरी दृष्टि कर दो माँ,

दूर करो विपदा मेरी मेरे भण्डारे भर दो माँ,

मेरी भी इस दुनिया में बड़ी ऊची कर दो शान,

हे माँ लक्ष्मी हमको भी दे दो ये वरदान.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।