मेरे कोई नहीं पास रे़

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है,

रोको रे रोको मेरा नाम जा रहा है,

आंखों की ज्योति बुझाई जा रहा है,

रोको रोको मेरा राम जा रहा है,

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है....

मेरे कोई नहीं है पास रे,

मेरा राम चला बनवास रे,

मेरे दिल में यही है पछतावा,

मेरे जैसा ना बाप कोई अभागा,

दुखों का दामन थामे जा रहा है,

रोको रे रोको मेरा राम जा रहा है,

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है....

मेरी टूट गई सब आश रे,

मेरा राम चला बनवास रे,

मैंने मन में बसाया केकई को,

हे अवध की बनी दुश्मन वो,

करने कठिन वह कैसा काम जा रहा है,

रोको रे रोको मेरा राम जा रहा है,

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है....

मेरे कष्टों का किसे एहसास रे,

मेरा राम चला बनवास रे,

महलों का रहने वाला वन में रहेगा,

बिकता कठोर बेटा कैसे सही है,

घर-घर पुकारा जिसका नाम जा रहा है,

रोको रोको मेरा राम जा रहा है,

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है....

मुझको खूब हुआ एहसास रे,

मेरा राम चला बनवास है,

दिल के दुख ना जाएंगे झेले,

हो विधाता अब प्राण मेरे ले ले,

मन का मोती विन दाम बेचा जा रहा है,

रोको रे रोको मेरा राम जा रहा है,

अंधेरे में छोड़ सारा धाम जा रहा है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।