फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना,

भोलेनाथ चले आना, भोलेनाथ चले आना,

मैं ध्यान धरु तेरा मेरी बिगड़ी बना जाना,

फरियाद मेरी सुनकर.....

तुझे अपना समझ कर मैं फरियाद सुनाती हूं,

तेरे दर पर आकर मैं नित धूनी रमाती हूं,

क्यों भूल गए भगवान मुझे समझ के बेगाना,

फरियाद मेरी सुनकर.....

मेरी नाव भंवर डोले तुम ही तो खिवैया हो,

जग की रखवाली हो तुम ही तो कन्हैया हो,

कर बैल सवारी तुम भव पार लगा जाना,

फरियाद मेरी सुनकर.....

तुम बिन नहीं कोई मेरा नात सहारा है,

इस जीवन को मैंने तुम पर ही वारा है,

मर्जी है तेरी बाबा अब और ना तरसाना,

फरियाद मेरी सुनकर.....

नैनों में भरे आंसू क्यों तरस नहीं खाते,

क्या दोष हुआ मुझसे प्रभु क्यों तुम ठुकराते,

अब कृपा करो बाबा सुनके मेरा अफसाना,

फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।